- Tittle – Taranhar (Sri Guru Nanak)
- Hand Painted Orignals
- Medium-Mixed Media on Canvas
- Surface-Canvas
- Type Of Style -Contemporary Art
- Painting to be delivered as– *Rolled/Framed
- Size ( W x H) Inches – 48 x 60
- Customised Size – Yes
- Artist Sign and Certificate– Yes
- Painted in 2013.
- Signed by artist on lower right side.
- Original handmade painting in one piece.
- * Price On Request
Taranhar (Sri Guru Nanak)
Fig. 13-“Tera, tera, tera,..” (that is ‘All is Thine, O Lord’) in which 1 is shown by raised index finger, symbolising his teaching of God as 1) with a weighing scale in the background which relates to an incident at Modikhana.Footsteps show his udasis & Bars show the Light he brought forth with him.
गुरू नानक
कलाकृति में दाईं ओर आसमान की तरफ इशारा करती एक उंगली यह संदेश दे रही है की परमात्मा एक है , साथ ही अंक 3 दिखाई दे रहा है जो पहले वाली आकृति के साथ मिलके अंक (13 , अर्थात सब तेरा है प्रभु ) की झलक दे रहा है। पृष्ठभूमि में एक तराजू दिखाई दे रहा है जो उनके जीवन की एक प्रसिद्ध घटना से संबंधित है ।
यह मोदीखाने की घटना है जहाँ एक किरयाना दुकानदार के रूप में काम करते हुए गुरूजी तराजू से सामान तोलते-तोलते जब संख्या तेरह (13) – ‘तेरा पर पहुंच गए (13 अर्थात सब है तेरा, हे प्रभु) | अंक 3 के अंदर एक दूध से भरा कटोरा दिख रहा है जिस के ऊपर एक चमेली का फूल दिखाया गया है, यह मुल्तान की एक घटना दर्शाता है |
कलाकृति के एक ओर बनाए गए पदचिन्ह गुरूजी की 4 ‘उदासियों को‘ दर्शाते है वहीं दूसरी ओर बनाई गई ग्राफ की लकीरें यह दर्शाती है कि जैसे-जैसे गुरू जी संसार में ज्ञान बांटते गए वैसे – वैसे अंधेरा दूर होता गया और ज्ञान का प्रकाश बढ़ता गया जो कि सफेद लकीरों कि संख्या में वृद्धि द्वारा दर्शाया गया है |





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